कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने चुनावी प्रणाली और मौजूदा राजनीतिक हालातों को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है। एक जनसभा के दौरान खरगे ने सरकार को सीधी चुनौती दी कि अगर उनमें राजनीतिक साहस है, तो वे तुरंत संसद भंग करें और ईवीएम की बजाय बैलट पेपर से आम चुनाव करवाकर अपनी लोकप्रियता की परीक्षा लें।
इसके साथ ही, कांग्रेस अध्यक्ष ने मतदाता सूचियों से मतदाताओं के नाम सुनियोजित तरीके से हटाने का आरोप लगाते हुए इसे "वोट चोरी" करार दिया। हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कांग्रेस पार्टी का राजनीतिक आरोप है, जिस पर अभी तक किसी न्यायिक संस्था या चुनाव आयोग द्वारा कोई आधिकारिक या पुष्ट निष्कर्ष नहीं दिया गया है। इस बयान के बाद देश की सियासत में एक बार फिर बहस छिड़ गई है।