भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, बंगाल की खाड़ी के ऊपर सक्रिय चक्रवाती तूफान 'मुरासु' अब एक गंभीर चक्रवाती तूफान का रूप ले चुका है। यह तूफान लगातार उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है और इसके दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट (नेल्लोर और नरसापुर के बीच, ओंगोल के पास) को पार करने की संभावना है।
कितना खतरनाक है यह तूफान?मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, जब यह चक्रवात तट से टकराएगा, उस दौरान हवा की गति 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटा होगी, जो बढ़कर 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक के झोंकों में बदल सकती है। इस दौरान समुद्र में 1 से 2 मीटर तक ऊंची लहरें उठने की आशंका है, जिससे निचले तटीय इलाकों में पानी भरने का खतरा बढ़ गया है।
इन राज्यों और जिलों में भारी बारिश का अलर्ट:
आंध्र प्रदेश: चक्रवात के मुख्य प्रभाव क्षेत्र को देखते हुए राज्य के कई जिलों में रेड अलर्ट जारी किया गया है। प्रकाशम, नेल्लोर, बापटला, गुंटूर और कृष्णा जिलों में अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। सुरक्षा के मद्देनजर संवेदनशील इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जा रहा है।
तमिलनाडु: उत्तरी तमिलनाडु और पुडुचेरी के तटीय हिस्सों में भी चक्रवात के असर से मध्यम से भारी बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है।
अन्य राज्य: इसके अलावा तेलंगाना, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में भी 2 से 4 नवंबर के दौरान भारी बारिश का अनुमान जताया गया है।
प्रशासन की तैयारियां और एहतियात:संभावित खतरे को देखते हुए तटीय इलाकों में एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ की टीमों को तैनात कर दिया गया है। मछुआरों को अगले कुछ दिनों तक समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी गई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और अनावश्यक यात्रा से बचें।