पंजाब में धान कटाई के सीजन के दौरान पराली जलाने की घटनाएं लगातार चिंता का विषय बनी हुई हैं। तमाम प्रशासनिक वार्ताओं और जागरूकता अभियानों के बावजूद किसान पराली जलाने से बाज नहीं आ रहे हैं। पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (PPCB) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, राज्यभर में अब तक पराली जलाने के कुल 2,347 मामले दर्ज किए गए हैं।
बढ़ते प्रदूषण और सुप्रीम कोर्ट की सख्ती को देखते हुए राज्य प्रशासन और पर्यावरण विभागों ने इस पर कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। प्रशासन ने नियमों का उल्लंघन करने वाले किसानों पर शिकंजा कसते हुए कुल ₹40.37 लाख का पर्यावरण मुआवजा (Environmental Compensation) लगाया है। इसके साथ ही, कई स्थानों पर पुलिस द्वारा कुल 21 एफआईआर (FIR) भी दर्ज की जा चुकी हैं। प्रशासन की इस कड़ी कार्रवाई से कृषि क्षेत्रों में हड़कंप मच गया है, वहीं सरकार ने स्पष्ट किया है कि पर्यावरण नियमों से खिलवाड़ करने वालों पर आगे भी और सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।