अबोहर (बिश्नोई टाइम्स ब्यूरो): पंजाब की राजनीति में हमेशा सुर्खियों में रहने वाली अबोहर विधानसभा सीट पर अगले सियासी दंगल को लेकर चर्चाएं चरम पर हैं। शहर के चौक-चौराहों से लेकर राजनीतिक दफ्तरों तक अब बस एक ही सवाल गूंज रहा है— 'कौन होगा अबोहर का अगला विधायक?' इस बार विधानसभा चुनाव में राजनीतिक दांव-पेंच और समीकरण बेहद रोचक होने के पूरे आसार हैं।
हर पार्टी में 2 से 3 दावेदार, टिकट के लिए रस्साकशी अबोहर हलके में लगभग हर प्रमुख राजनीतिक दल के भीतर अंदरूनी खींचतान शुरू हो चुकी है। प्रत्येक दल से करीब दो से तीन मजबूत दावेदार अपनी-अपनी दावेदारी ठोक रहे हैं। आलाकमान के सामने अपनी पकड़ साबित करने और कार्यकर्ताओं को एकजुट करने के लिए अभी से गोटियां बिछाई जाने लगी हैं।
मौजूदा विधायक संदीप जाखड़: जनता का रुख क्या रहेगा? वर्तमान विधायक संदीप जाखड़ की सियासी साख पर भी सबकी नजरें टिकी हुई हैं। चर्चा यह है कि क्या हलके की जनता अपना पुराना समर्थन और विश्वास उन पर बरकरार रखेगी या बदलाव की हवा चलेगी? बदले हुए सियासी हालात और क्षेत्रीय समीकरणों के बीच जाखड़ के लिए आगामी मुकाबला काफी अहम माना जा रहा है।
जगदीश कुमार सागवाल की रणनीति से हलचल सियासी गलियारों में एक नाम जिसकी चर्चा तेजी से हो रही है, वह है जगदीश कुमार सागवाल। सूत्रों के अनुसार सागवाल अबोहर विधानसभा सीट को लेकर गंभीरता से चुनावी रणनीति तैयार कर रहे हैं। क्षेत्र में उनके समर्थकों की सक्रियता और जनसंपर्क ने अन्य दावेदारों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं।
बिश्नोई समाज से नए चेहरे की एंट्री के कयास अबोहर क्षेत्र में बिश्नोई समाज का एक मजबूत और निर्णायक वोट बैंक है। राजनीतिक जानकारों के अनुसार इस बार समाज से भी किसी सशक्त और नए चेहरे की सीधी एंट्री चुनावी मैदान में हो सकती है। यदि ऐसा समीकरण बनता है, तो मुकाबला पूरी तरह त्रिकोणीय या बहुकोणीय हो सकता है और पुराने समीकरण ध्वस्त हो सकते हैं।
फिलहाल सभी दल और दावेदार अपनी चालें सोच-समझकर चल रहे हैं। आने वाले दिनों में अबोहर का सियासी पारा और चढ़ना तय है।